عرض الرسائل ذات التصنيف श्वेता कुमारी

माँ के बिन जीवन रीता है

माँ ग्रंथों में गीता है त्याग में माँ सीता है ममता में माँ यशोदा है, सहनशीलता …

ख्वाब आँखों में जो पलने लगा

ख्वाब आँखों में  पलने लगा, इक जमाने को  खलने लगा,  झांकने की इजाजत नहीं , आज औ…

एक माँ की ममता

बिन माँ के बच्चे ने,   किसी शख्स से पूछा, बताओ मुझको  जरा कैसी होती  माँ की ममत…

उजाले से बन गए हो. | श्वेता कुमारी | Hindi Kavita

आदत में हो शामिल, जरूरत ही बन गए हो, जीवन के अँधेरों में, उजाले से बन गए हो। रौ…

खूब दिल कह रहा | श्वेता | Hindi Kavita

आज लिखने को खूब दिल कर रहा , न जाने क्यों दिल है उमंगों भरा, मन के आँगन में…

होते वो महशूर नहींं | Hindi Kavita | Sweta Ki Kavita

मजदूर मेहनत करते हैं पर होते मशहूर नहीं, आलीशान महल बना देते हैं पर रहते हैं …

हम जो वृद्धाश्रम में रहते हैं | Hindi Kavita | Sweta

धूप-पानी सहते-सहते, पौधे से तरूवर बना, वक्त के तुफानों को झेला, बरगद का दर…

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