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                        पांचवें दिन  
आज सोमवार है , मैं बहुत खुश हूं की आज भी साक्षी से मुलाकात होगी । मैं पूरी तैयारी हो गया हु , आज कक्षा जाने का समय हो गया है , और मैं जा भी रहा हु और सोच भी रहा हु की आज क्या सब बातें होगी उनसे मिलने के बाद वो क्या कहेंगे मुझे और मैं क्या जवाब दूंगा । वो कॉपी देते सम क्या बोलेगी हमसे और फिर क्या हो ये सोच सोच कर मैं मन ही मन बहुत खुश हो रहा हूं । कक्षा आ गया है मैं अपनी बेंच पर बैठ गया हु । आज भी मैं सबसे पहले आ गया हूं और वो भी पहुंच गई और मुझे देख कर मुस्कुराई मैं भी मुस्कुरा दिया वो अपने बैग के चैन खींचते हुए मेरा कॉपी निकाल कर रख ली और कुछ इधर उधर पन्ने पलटते लगे फिर वो बोली 
साक्षी : ली जिए अपना कॉपी मैं लिख ली हूं। 
मैं : ठीक है। 
साक्षी : आप इतना सवेरे कक्षा आ जाते हो । 
मैं : क्या करूं कमरा में मन ही नहीं लगता इसलिए ज्यादा जल्दी आ जाता हुं, और आप भी सबेरे कक्षा आ जाती हो । साक्षी : वही समस्या मेरे साथ भी हो रहे है , कमरा में मैं भी बोर हो रही थी इसलिए जल्दी कक्षा आ जाती हूं। 
मैं : तो आपके साथ भी यही समस्या है। 
साक्षी : हां जी 
मैं : तो मंदिर हो आती शायद वहां मन लग जाए । 
साक्षी : अकेले कहीं जाने में मन नहीं लगती है । 
मैं : तो किसी को साथ कर लो तब तो मन लगेंगे ना । 
साक्षी : मेरी अभी को दोस्त नहीं है । 
मैं : तो बना लो इसमें थोड़े ही पैसा लगते है। 
साक्षी : कोई बनती ही नहीं है । 
मैं : क्यों साक्षी : क्यों की मैं मेकअप नहीं करती । 😆 
मैं : आप तो वैसे ही बहुत खूबसूरत हो फिर मेकअप की क्या जरूरत है। 🙂
 साक्षी : कहां खूबसूरत हूं, होती तो दोस्त सब नहीं होते । 
मैं : आखिर कैसा दोस्त चाहिए आपको 
 साक्षी : कोई भी मिल जाए । ( सर आ गए कक्षा में) कल बात करती हूं, इसी समय । ठीक है। मैं : ठीक है। ( आज कक्षा चलती रही और समय के साथ छुट्टी हो गई साक्षी जाते हुए मुस्कुराई और मैं भी मुस्कुरा दिया । थोड़े देर के बाद ऐसे लगे की हम दोनो अलग हो रहे है वो हमसे दूर जा रही मन करता है उसे बुलाऊ और साथ साथ चलू फिर मन करता है कोई अगर इसके आदमी या हमारे आदमी ही देख लेगा तो बेकार में बबाल हो जायेंगे । तभी सभी वही लड़का सब आ जाते है ) लड़का : क्या भाई भाभी कॉपी दी की नहीं। 
मैं :  अरे भाई हम दोनो के बीच ऐसा कुछ भी नहीं बस कल कॉपी ली थी आज वो लौटा दी । 
लड़का : भाई कॉपी खोल कर देखो भाभी शायद नंबर दी होगी । 
मैं : हम दोनों के बीच ऐसा कुछ होंगे तभी ना नंबर देगी वो । लड़का : भाई सब समझ रहे है 
 मैं : ठीक है भाई जो समझना है  समझो , आपको मन को थोड़े ही रोक सकते है समझने के लिए । 
लड़का : ठीक है भाई बुरा मत मानना वैसे मजाक कर रहे थे । मैं : ठीक है भाई हम भी समझ रहें है। 
लड़का : ठीक है कल मिलता हूं। 
मैं : ठीक है। ( कक्षा से लॉज पर जा रहा हूं, थोड़े ही देर में पहुंच गया हूं थोड़ा नजदीक ही कक्षा है लॉज से) उनसे मिलने की क्या करू मैं साजिश । कल मिलेगी वो तो कुछ करूंगा गुजारिश ।




 । आगे की बात आगे 👉👉👉
Lekhak:- Shailendra Bihari 

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